विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम के दौरान दामिनी साहू को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं कुलाधिपति के करकमलों से स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ ही उन्हें विशेष प्रशस्ति भी दी गई। दामिनी की इस सफलता से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा मनेन्द्रगढ़ नगर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दामिनी साहू की यह उपलब्धि वर्षों की सतत साधना और अनुशासन का परिणाम है। प्रारंभिक संगीत शिक्षा उन्हें घर पर ही प्रसिद्ध संगीत गुरु रामगोपाल प्रजापति (गुरुजी) के मार्गदर्शन में प्राप्त हुई। गुरुजी द्वारा दी गई सशक्त बुनियाद, रियाज़ की नियमितता और शास्त्रीय संगीत की गहराई ने दामिनी की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आगे चलकर उन्होंने इसे औपचारिक शिक्षा के माध्यम से और सशक्त किया।
माता-पिता ने दामिनी की रुचि को पहचानते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और संगीत साधना के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराया। नगरवासियों, शुभचिंतकों, शिक्षकों एवं संगीत प्रेमियों ने दामिनी साहू की इस ऐतिहासिक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि मनेन्द्रगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर सामने आई।

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