बालको नगर, कोरबा में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 18 दिवसीय कौशल उद्यमिता विकास कार्यक्रम युवाओं के लिए आशा और अवसर का नया मंच बनकर उभर रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रतिभागी न केवल विभिन्न व्यावसायिक कौशल सीख रहे हैं, बल्कि भविष्य में अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए उत्साहित और प्रतिबद्ध भी दिखाई दे रहे हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय की मूलभूत समझ, उद्यम की योजना तैयार करना, बाजार विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीतियां, जोखिम प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों और समूह गतिविधियों के माध्यम से उद्यमिता की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। इससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास का विकास हो रहा है और वे अपने व्यवसायिक विचारों को वास्तविक रूप देने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
प्रतिभागियों ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें न केवल व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया समझ में आ रही है, बल्कि यह भी पता चल रहा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद किस प्रकार सफल उद्यम की शुरुआत की जा सकती है। कई प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के बाद स्वरोज़गार शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है।
यह कौशल उद्यमिता विकास कार्यक्रम नए उद्यमियों को उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के इस प्रशिक्षण से निकलने वाले युवा आने वाले समय में सफल उद्यमी बनकर समाज और प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में देवेन्द्र साबले, भानु दास, रजनी देवांगन, एवं अन्य गणमान्य अधकारी उपस्थित थे|
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