मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत् तुमान में विधानसभा स्‍तरीय मनरेगा बचाओ रैली एवं आमसभा कार्यक्रम आयोजित

Views तुमान कोरबा - मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत् तुमान में विधानसभा स्‍तरीय मनरेगा बचाओ रैली एवं आमसभा कार्यक्रम आयोजित किया गया । बाजार चौक तुमान में आयोजित रामपुर विधानसभा स्‍तरीय मनरेगा बचाओ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोरबा सांसद श्रीमती ज्‍योत्‍सना महंत ने कहा कि मनरेगा के कानून को कमजोर करके मोदी सरकार ने देश के करोड़ो श्रमिक मजदूरों के हितों पर हमला किया है । मनरेगा एक ऐतिहासिक कानून था जो रोजगार चाहने वाले करोड़ो लोगों को गरिमामय अवसर प्रदान करता था । 

एआईसीसी सचिव एवं छत्‍तीसगढ़़ प्रदेश सह प्रभारी सुश्री जरिता लैतफ्लांग ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनेरगा पंचायत और ग्राम सभा को भी मजबूती प्रदान करता है । कौन सा काम किया जावेगा, इसके निर्णय का अधिकार स्‍थानीय लोंगो के हाथों में था लेकिन अब इसका निर्णय सरकार के हाथों में कर दिया गया है । इन्‍होंने आगे कहा कि केन्‍द्र की भाजपा सरकार ने सुधार के नाम पर झांसा देकर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्‍म करने का काम किया है । 

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा स्‍कीम देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा रहा है । मनरेगा रोजगार का गारंटी अधिकार था लेकिन अब इसमें नाम के साथ - साथ नियमों में बदलाव किया गया जो पूरी तरह से केन्‍द्र सरकार की मर्जी पर निर्भर रहेगा । इस बदलाव से रोजगार का अधिकार समाप्‍त हो जावेगा । श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि मनरेगा, रोजगार के अधिकार के नियमों में कुछ त्रुटी रही होगी उसे बेहतर किया जा सकता था नाम बदलना और रोजगार के अधिकार समाप्‍त करना जरूरी नहीं था । 


रामपूर विधायक फूलसिंह राठिया ने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर एक बार फिर झूठ बोला है । वी बी जी राम जी में जो राम जी बता रहे उसमें कहीं भी भगवान राम नहीं है व्‍ही बी जी राम जी का फुल फार्म विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण है । श्री राठिया ने आगे कहा कि मनरेगा अधिनियम को वर्ष 2005 में मनमोहन सिंह सरकार ने लागु किया था । यह अधिकार आधारित कानून था जो प्रत्‍येक ग्रामीण को मजदूरी का वैधानिक अधिकार देता था । अब इस योजना के नियमों को परिवर्तन कर वैधानिक अधिकार को खत्‍म किया जा रहा है । 


जिला कांग्रेस के ग्रामीण अध्‍यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि केन्‍द्र की मोदी सरकार ने मनरेगा की मूल आत्‍मा को ही खत्‍म करके श्रमिकों से काम का अधिकार छीनने का काम किया है । श्री चौहान ने आगे बताया कि मनरेगा कानून परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है । पहले मनरेगा सविंधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित थी लेकिन अब केन्‍द्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्‍कीम में बदल दिया गया है। 


सांसद प्रतिनिधि पूर्व अध्‍यक्ष हरीश परसाई ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनरेगा रोजगार गारंटी योजना के तहत् मजदूरों को काम देने का कानून था । श्रमिक को काम लेने का अधिकार था । इस योजना के तहत् सरकारी फरमान से कभी काम नहीं रोका गया । पिछले दो दशक से यह योजना 12 करोड़ से भी अधिक मनरेगा मजदूरों के लिए लाइफलाईन रहा है । कोविड महामारी के समय भी यह योजना आर्थिक सुरक्षा के तौर पर जरूरी साबित हुआ था । 

आम सभा कार्यक्रम के शुरूआत में कबीर चौक स्थित कबीर जय स्‍तंभ के समक्ष पूजा अर्चना करने के बाद कबीर चौक से बाजार चौक तक विशाल रैली निकाली गई । 

सभा का संचालन ब्‍लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष संतोष देवांगन ने किया एवं सांसद प्रतिनिधि प्रमोद कुमार श्रीवास ने आभार व्‍यक्‍त किया । 

इस अवसर पर सुषमा कंवर, सरपंच, श्रवण राठिया, अध्‍यक्ष ब्‍लॉक कांग्रेस करतला, संजय आजाद, अध्‍यक्ष ब्‍लॉक कांग्रेस बांकीमोंगरा, इंजोर सिंह, अध्‍यक्ष ब्‍लॉक कांग्रेस कोरबा (ग्रामीण) मधुसुदन दास, नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिका बांकीमोंगरा, शिवम राय, अध्‍यक्ष युवा कांग्रेस रामपुर विधानसभा, श्रीमती सुनीता कंवर सांसद प्रतिनिधि (पूर्व जनपद अध्‍यक्ष) ओमप्रकाश चंद्रवंशी, सांसद प्रतिनिधि, मंदीप शर्मा, सांसद प्रतिनिधि, प्रमोद कुमार श्रीवास, सांसद प्रतिनिधि, निरूपमा पाटले, प्रवीण ओगरे, विधायक प्रतिनिधि, राजेश्‍वर यादव, विधायक प्रतिनिधि, संतोष सूर्या, रामकुमार यादव, मण्‍डल अध्‍यक्ष आदि ने संबाेधित किया । 

कार्यक्रम में द्वारिका कौशिक, सम्‍मे लाल जगत, लखन लहरे, मनबोधी दास, शांति स्‍वरूप, देवी राजवाड़े, जनपद सदस्‍य, संतोष सूर्या, रामदास सिदार, जयवीर सिंह, धनाराम खाण्‍डे, रोशन खाण्‍डे, भगवती बाई, अशोक सिंह, फरियाद अली, आशीष, मनदीप शर्मा, कन्‍हैया चौहान, अनुप चंद्रा, रजनीकांत, सचिव, ब्‍लॉक कांग्रेस कमेटी बरपाली, श्रीमती नोनी बाई, उप सरपंच ग्राम पंचायत तुमान, जयवीर तंवर सरपंच, देवव्रत सरपंच, राजेन्‍द्र प्रसाद पाटले, उप सरपंच लीमडीह, भगवती गोस्‍वामी, पूर्व उप सरपंच, रोशन खाण्‍डे, शुक्रवार सिंह, सरपंच ढोढ़ातराई, बिसाहु पटेल, आत्‍माराम मन्‍नेवार, जगदीश दिवाकर, राजु राजवाड़े, मनबोधी दास महंत, लखन दिवाकर, लीमडीह, नसर खान, धनाराम खाण्‍डे, गाेपाल बरेठ, सुखरीकला, निरंजन श्रीवास, नवालाल मन्‍नेवार, पंचराम रात्रे, श्‍याम सिंह कंवर, बाबूलाल कंवर, महत्‍तम कंवर, धरम सिंह, शांति स्‍वरूप महंत, तरूण मांझी, संतोष मिरी, गंगा रोहिदास, आनंद सिंह कंवर, अशोक सिंह, दिलहरण दास, अमर खाण्‍डे, विजय राजवाड़े, अहमद हुसैन, आशीष गांगुली, किशन कोसले, बृज कोसले, भागवत केंवट, श्‍याम सिंह कंवर, नंदकिशोर साहू, खिलावन देवांगन आदि कांग्रेस कार्यकर्ता एवं भारी संख्‍या में क्षेत्र के ग्रामीणजन उपस्थित थे ।  

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