बालको नगर, कोरबा में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18 दिवसीय कौशल उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला उद्योग कार्यालय, कोरबा द्वारा एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला उद्योग कार्यालय, कोरबा से नरेश खूटे ने बतौर विशेष वक्ता प्रतिभागियों को संबोधित किया।
अपने सत्र में खूटे ने जिला उद्योग कार्यालय द्वारा वर्तमान में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्वरोज़गार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की स्थापना, उद्योग पंजीयन, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार किस प्रकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
सत्र के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए जिले में उपलब्ध नए उद्यमिता अवसरों पर भी चर्चा की। स्थानीय संसाधनों के उपयोग, नवाचार आधारित व्यवसाय, सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्र में संभावनाओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। खूटे ने कहा कि सही जानकारी, मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से युवा सफल उद्यमी बन सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने अपने संदेश में युवाओं से उद्यमिता को एक प्रभावी करियर विकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में युवा केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बन सकते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को स्वरोज़गार की अपार संभावनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे वे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र टीम के नेतृत्वकर्ता एवं शिक्षा नवाचार के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने राज्य में MSME विकास और सतत उद्यम सृजन के लिए संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि EDII द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण, व्यवसायिक परामर्श और विपणन सहयोग के माध्यम से स्थायी उद्यमिता मॉडल विकसित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें सरकारी योजनाओं और व्यावसायिक अवसरों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई है, जो भविष्य में अपना उद्यम स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के साथ-साथ उद्यमिता के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त बनाना है।

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