US Tariff : अमेरिका ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। रूसी तेल की खरीद पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि जो भी देश रूस से तेल की खरीदारी जारी रखेगा, उस पर कम से कम 500 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जा सकता है। उनके इस बयान को यूक्रेन युद्ध से जुड़े आर्थिक दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।
स्कॉट बेसेंट ने अपने बयान में भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद बढ़ाई थी। हालांकि, अब यह खरीद लगभग बंद हो चुकी है। उन्होंने इसके पीछे कारण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने अपनी नीति में बदलाव किया। US Tariff के जरिए अमेरिका यह संदेश देना चाहता है कि वह रूस के साथ आर्थिक सहयोग को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
अमेरिकी वित्त मंत्री का कहना है कि भारत का उदाहरण यह दिखाता है कि कैसे अमेरिकी दबाव और टैरिफ नीति किसी देश को अपने फैसले बदलने के लिए मजबूर कर सकती है। उनके मुताबिक, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का मकसद रूस की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना है, ताकि यूक्रेन युद्ध पर असर डाला जा सके।
यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार पहले से ही अस्थिरता का सामना कर रहा है। US Tariff को लेकर अमेरिका की यह चेतावनी उन देशों के लिए स्पष्ट संकेत मानी जा रही है, जो अब भी रूसी तेल पर निर्भर हैं।

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