रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर,, जांजगीर-चांपा छालीवुड फिल्म निर्माता Mohan Sahu से जुड़े मारपीट प्रकरण में पुलिस जांच ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। घटनास्थल पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड के बयान के बाद मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिससे आरोपी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।एमवे उत्पाद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना 22 जनवरी 2026 को दिन के समय हुई थी। सिक्योरिटी गार्ड ने अपने बयान में बताया कि विवाद अचानक नहीं हुआ, बल्कि घटना से पहले ही निर्माता और युवती के बीच तीखी बहस चल रही थी। बहस के बढ़ने के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
सिक्योरिटी गार्ड के अनुसार—
घटना के समय मौके पर अन्य लोग भी मौजूद थे,
विवाद बढ़ने पर उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया,
युवती को घायल अवस्था में देखा गया,
घटना के बाद आरोपी घबराया हुआ दिखाई दिया।
गार्ड के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब घटनास्थल के CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों का आपसी मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुरानी बस्ती थाना में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
सिक्योरिटी गार्ड के खुलासों के बाद मामले में और धाराएं जुड़ने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो जाएगी और आगे और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य में सुशासन की राज में गुंडाराज चल रहा है यह कैसी शासन की व्यवस्था है की एक मुजरिम को गिरफ्तार करके पुलिस क्यों नहीं अंदर कर रही है जबकि उसके ऊपर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हो गई है उसके बावजूद भी किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा है जब मोहित कुमार साहू फिनायल पीकर किसी निजी अस्पताल में भारती होता है भर्ती होने के पश्चात जब वह डिस्चार्ज हो रहा है तो वहां पर खड़ी पुलिस क्या कर रही है क्या अपराधी का इलाज सर्वोत्तम है क्या मुजरिम को बचा रही है सरकार और यह भी कह रहा है मोहित कुमार साहू निम्न शब्द बोल रहा है।।
मोहित कुमार साहू यह कह रहा है कि मैं मुख्यमंत्री को खरीद लूंगा जज को खरीद लूंगा मीडिया को खरीद लूंगा मुझको कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता क्योंकि मैं भगवान हूं मैं शासन चलाने वाले मुख्यमंत्री को वेतन देता हूं वेतन देता हूं पुलिस कमिश्नर को खरीद लूंगा आईजी को खरीद लूंगा डीआईजी को खरीद लूंगा इतना पैसा है मेरे पास में की मुझे पुलिस तक के छू नहीं सकता पुलिस को खरीद कर कार्य कर रहा हूं इसलिए मैं निडर होकर घूम रहा हूं मगर इस तरह की जब बयान आ रही है तो उस स्थिति में पुलिस प्रशासन क्या कर रही है जब छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू हो चुकी है तो कमिश्नर भी क्या कर रहा है क्या पुलिस को यह वारंट नहीं कर सकता की मुजरिम को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
महिलाओं पर अत्याचार हो रही है उस पर शासन प्रशासन क्या कर रही है आए दिन महिलाओं से लूटपाट किया जा रहा है महिलाओं का बलात्कार किया जा रहा है महिलाओं को मारपीट किया जा रहा है इसके साथ ही साथ नाबालिक बच्चियों को भी बलात्कार किया जा रहा है सेक्स रैकेट का धंधा चल रहा है कर क्या रही है पुलिस।
एक आम इंसान इस तरह की अपराध करता है तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाता है जिसके विरुद्ध में प्रथम सूचना दर्ज होने के पश्चात 24 घंटे के अंदर में मगर मोहित कुमार साहू को क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही है क्या वह भगवान है जिसे गिरफ्तार नहीं कर रही है क्या पुलिस डर रही है क्या।
जब घटना की पूरी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया में सबूत चल रही है तो सबूत की क्या जरूरत है सबूत तो बाद में जुटा ली जाएगी पहले मुजरिम को गिरफ्तार करना चाहिए और मुजरिम को गिरफ्तार करने के पश्चात मुजरिम के चल अचल संपत्ति को राजसत करना चाहिए जिस तरह से फिल्मों में होता है गिरफ्तार की प्रणाली इस तरह से शासन में बैठे हुए अधिकारी क्या कर रही है।
अपराधी को खुला संरक्षण प्राप्त है क्या ऐसा महसूस किया जा रहा है क्यों गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
सीसीटीवी की जो फुटेज है एवं गार्ड का जो बयान है उसे बयान के आधार पर एवं अन्य सबूत मिल गई है तो उसे तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए।
हमारे संवाददाता कहते हैं कि अगर इस तरह से कानून की व्यवस्था रहेगी तो आम नागरिक भी खुले आम घूमेगा अपराध करने के पश्चात भी घूमता रहेगा क्योंकि मोहित साहू यह कह रहा है सारे अधिकारी सारे मंत्री विधायक को अपने जेब में रखकर घूम रहा हूं इसलिए मेरा कोई कुछ नहीं कर पाएगा।

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