गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।कांग्रेस जिला अध्यक्ष गजमति भानु के नेतृत्व में मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पंचायत स्तर पर जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा ।इस अभियान के अंतर्गत दर्री, बरटोला, हर्री, गांगपुर, पतगँवा, बन्धी, कूड़कई और अड़भार गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।
चौपाल कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार, सम्मान और आजीविका का मजबूत आधार है। वर्तमान समय में मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती और बजट में कमी जैसी समस्याओं से ग्रामीण मजदूर परेशान हैं। चौपाल के माध्यम से इन समस्याओं को सामने लाया गया और ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता गुलाब राज ने कहा ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर मजदूरी नहीं मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आश्वासन दिया कि मनरेगा को बचाने और मजबूत करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा तथा ग्रामीणों की मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया मुद्रिका सर्राटी ने कहा की मनरेगा के तहत काम के दिन घटाए जा रहे हैं और भुगतान में भारी देरी हो रही है। इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे किसान कांग्रेस केनप्रसेश महामंत्री मनीष दुबे ने कहा मनरेगा केवल रोजगार नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का आधार है। यदि इसे कमजोर किया गया तो पलायन और बेरोजगारी और बढ़ेगी। पंचायत स्तर पर जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। श्रीकांत मिश्रा मंडी पूर्व उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय सह सचिव प्रीति मांझी ने भी चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता, समय पर भुगतान और 200 दिन रोजगार की मांग को लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें मजदूरी भुगतान में देरी, काम की कमी और तकनीकी अड़चनों की शिकायतें प्रमुख रहीं। कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को प्रशासन और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। अंत में मनरेगा बचाओ संग्राम को जन आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया गया और आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों में भी इसी तरह के चौपाल कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई। चौपाल में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने, लंबित भुगतान शीघ्र कराने, जॉब कार्डधारियों को नियमित काम देने और मजदूरी दर बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर मनरेगा बचाओ संग्राम को समर्थन देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में गजमती भानु जिलाध्यक्ष गुलाब राज मुद्रिका सर्राटी कामता राठौर पंकज तिवारी सविता राठौर सुनीता टिमोथी मनीष दुबे श्रीकांत मिश्रा प्रीति मांझी कौशल राठौर सुरेंद्र कालीराम मांझी लालचंद सोनवानी राहुल नागेश सेमलाल भैना आलोक सुकला दिनेश कश्यप संतोष ठाकुर सुकेश तिवारी कांग्रेस कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, मनरेगा मजदूर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे ।


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