आपको बता दे कि जब पूरा देश 26 जनवरी गणतंत्र दिवस मना रहा था । उसी समय पीड़ित नगर सैनिक संतोष पटेल ने कलेक्टर परिसर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद संतोष पटेल के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। नोट में उसने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना, अपमान और बर्खास्तगी की धमकियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि उसने अपनी समस्या को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन से शिकायत की थी और इस संबंध में बैठक भी हुई थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उसे बार-बार अकेले में बुलाकर मानसिक दबाव बनाया गया और अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने को “नेतागिरी” बताया गया।
धरने पर बैठे नगर सैनिक, रखीं कई मांगें
घटना से नाराज नगर सैनिकों ने जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे जवानों की मांग है कि संतोष पटेल को बर्खास्त न किया जाए, जिला सेनानी का तत्काल तबादला किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। नगर सैनिकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर ही भोजन बनाने की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस बल तैनात, प्रशासनिक अधिकारी नदारद
धरना स्थल पर एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई भी वरिष्ठ पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था जिससे प्रदर्शनकारियों में और नाराजगी देखी गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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