सुशासन तिहार से बढ़ी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता, छत्तीसगढ़ में विकास की नई कहानी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने कार्यकाल में दो साल के भीतर जनता के बीच एक मजबूत और सकारात्मक छवि बनाई है। हालिया Mood of the Nation (MOTN) सर्वे के अनुसार, अगस्त 2025 में गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाताओं ने उनके कामकाज से संतुष्टि व्यक्त की, जो फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया। बड़े राज्यों के समूह में यह उन्हें दूसरे स्थान पर लाता है, पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं।

सुशासन तिहार-2025: पारदर्शी प्रशासन की मिसाल

सुशासन तिहार-2025 के तहत मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया। इन शिविरों में स्वास्थ्य जांच, निशुल्क दवाइयों की व्यवस्था और शासन की योजनाओं की जानकारी दी जाती है। 8 से 11 अप्रैल के बीच पहले चरण में बेमेतरा जिले में समाधान पेटियां स्थापित की गईं, जिनमें 1,40,780 आवेदन प्राप्त हुए।

इस पहल से केवल समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, बल्कि सुशासन की संस्कृति गांव-गांव तक पहुंचाई गई। इससे प्रशासन और जनता के बीच भरोसा बढ़ा और मुख्यमंत्री के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

साय सरकार ने पूर्व शासनकाल के 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले सहित अन्य घोटालों की गहन जांच कर 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया। भ्रष्टाचार निरोधक और EOW जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। सरकार ने ई-ऑफिस सिस्टम, जेम पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है।

विकास और निवेश की पहलें

  • AI-आधारित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ): नवा रायपुर में भारत का पहला AI SEZ बनने जा रहा है, जिसमें हाइटेक कंप्यूटर सिस्टम और सर्वर स्थापित होंगे।
  • फार्मास्यूटिकल्स यूनिट: नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल्स इकाई स्थापित, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।
  • कृषक उन्नति योजना: दलहन, तिलहन और मक्का उगाने वाले किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।
  • महतारी वंदन योजना: महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य, पोषण में सुधार के साथ आर्थिक सशक्तिकरण।
  • जल-जीवन मिशन: ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुधार: स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शौचालय, एनीमिया और कुपोषण पर निगरानी, मध्याह्न भोजन के लिए स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करना।

 

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