टिकट नहीं मिलने के साइड इफेक्ट : किसी ने खाया जहर, तो किसी ने छोड़ दी पार्टी

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नई दिल्ली। लोकसभा का बिगुल बज चुका है। बीजेपी से लेकर कांग्रेस और बाकी सभी पार्टियां लगातार अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर रही हैं। रविवार रात को बीजेपी ने अपनी पांचवी सूची भी जारी कर दी है। जिसमें 111 उम्मीदवारों के नाम शामिल है। वहीं कांग्रेस ने अबतक 190 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है। चुनावी परिणाम अपने पक्ष में करने पार्टियां लगातार एक्सपेरिमेंट कर रही हैं। किसी को दोबारा टिकिट जा रहा है तो कई नेताओं के टिकट का भी दिए जा रहे है। इसका उनपर साइड इफेक्ट्स भी देखने लगे है। इसी तरह का एक हैरान कर देने वाला मामला तमिलनाडु से सामने आया है।

बता दें कि, तमिलनाडु के इरोड लोकसभा सीट के ‘मौजूदा’ एमडीएमके सांसद ए गणेशमूर्ति (76) को रविवार को आत्महत्या करने की कोशिश की। उन्होंने आत्महत्या करने के लिए पानी के साथ कीटनाशक ‘सल्फास’ खाया। इसके चलते उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए कोयंबटूर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि गणेशमूर्ति को सुबह 10.15 बजे के आसपास उल्टी और कुछ बेचैनी हुई। उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने कीटनाशक मिला पानी पी लिया है। इस बात से हैरान परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए इरोड शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए।

उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दोपहर करीब 2.30 बजे आगे के इलाज के लिए कोयंबटूर के एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी आलाकमान की ओर से उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया होगा।

पत्नी को टिकट न देने पर छोड़ दी पार्टी

असम के लखीमपुर जिले के नाउबोइचा के विधायक भरत चंद्र नारा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने दो दिन पहले उदय शंकर हजारिका को लखीमपुर लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया था, उसके बाद नारा ने पार्टी छोड़ दी।

जानकारी के अनुसार नारा को उम्मीद थी कि कांग्रेस इस सीट से उनकी पत्नी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रानी नारा को टिकट देगी। लेकिन पार्टी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

 

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